स्वस्थ रहना है तो करें इस सब्जी का सेवन, किसी संजीवनी से कम नहीं है यह !

स्वस्थ रहना है तो करें इस सब्जी का सेवन, किसी संजीवनी से कम नहीं है यह !
सदाबाहर सब्जी चौलाई संजीवनी  बूटी से कम नहीं है। इसलिए कई लोग यह सब्जी पसंद करते है। सहते के लिए फायदेमंद होने के कारण ही चौलाई पौष्टिक सब्जियों की लिस्ट में शामिल है।  इसमें जितने पौष्टिक तत्व और खनिज मिलते है, उतने बहुत ही कम सब्जियों में होते है अनेक औषधीय गुणोंवाली यह सब्जी दुनियाभर में पाई जाती है। 
गर्मी हो या बरसात का मौसम सहते के लिए बहोत ही उपयोगी सब्जी मानी जानेवाली चौलाई हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रमुख है। जहा अधिकांश साग और पत्तेदार सब्जियां शीत ऋतू में उगाई जाती है। वही यह गर्मी और बरसात की सब्जी है। लेकिन इसे साल में कभी भी उगाया जा सकता है।
इसकी ठंडी पत्तियों में कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन , कैल्शियम  , विटामिन ए , विटामिन सी, मिनरल्स और लोह जैसे पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में मिलते है। इसकी सबसे बड़ी खासीयत यह है की इसमें सोना धातु भी पाया जाता है। जो की दूसरे साग सब्जियों में नहीं पाया जाता है। अनेको औषधीय गुणों के चलते ही चौलाई को आयुर्वेद  में अनेक रोगो के उपचार में बहुत उपयोगो बताता गया है। 
चौलाई कफ और पित्त का नाश करती है। इससे खून से गंदगी साफ होती है  और खून शुद्ध होता है। यह पेट की बीमारियों के इलाज के लिए भी गुणकारी होती है। क्यों  की इसमें रेशे , क्षार  द्रव्य होते है। इससे कब्ज़  की समस्या कम हो जाती है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसका नियमित सेवन करने से वात और त्वचा के विकार दूर होते है। 
छोटे बच्चे को कब्ज होने पर  चौलाई का दो तीन चम्मच रस लाभदायक होता है। महिलाओ के रोगो में भी यह फायदेमंद  है। चौलाई के तेल में एन्टीइन्फ्लमेटरी गुण होगा है।  जो दर्द और सूजन को सहजता से कम करने में मदत करता है। इसमें करीब 15 फीसदी प्रोटीन होता है जो वजन घटने में सहायता करता है। इसके नियमित सेवन से बालो को असमय सफ़ेद होने से बचाया जा सकता है। इसमें मौजूद फायबर ब्लडप्रेशर को नार्मल रखने में मदत करते है। 

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